अगर आप भी खाते है 1 रुपये वाली ‘पल्स’, तो इसका ये सच जानकार उड़ जायेंगे होश

आज हम उस टॉफी की बात करने जा रहे हैं जिसे हम बड़े चाव से आजकल खा रहे हैं.आपको जानकर हैरानी होगी की बहुत ही कम वक़्त में इस टॉफी ने लोगों के दिलों में जगह बना ली है इस स्वाद ही इतना जबरदस्त है कि कोई इसे खाए बिना रह ही नहीं पाता !
एक बात तो आप सभी जानते हैं की जो विज्ञापन टीवी पर आते है किसी उत्पाद को लेकर वो सच में वैसा हो ऐसा नहीं होता.यह बात तो सभी जानते है कि अगर चीज़ अच्छी है तो आपको मार्केट में आसानी से पहचान मिल जाती है.उसे किसी भी तरह के विज्ञापन की जरूरत नहीं पड़ती है सिर्फ मार्कटिंग के लिए शुरू में थोडा वक़्त लगता है लेकिन उसके बाद अगर चीज अच्छी हो तो वो खुद ब्रांड बन जाती है.

बात जब स्वाद की हो हो तब तो क्या कहने? 1 रुपये वाली ‘पल्स’ (Pulse) कैंडी ने दो साल में ही प्रतिद्वंदियों की धड़कनें तेज किया.आज जिस टॉफी की हम बात कर रहे हैं उसे पल्स के नाम से जाना जाता है और इस ब्रेंड में मार्किट इ जो कारनामा किया है वो बहुत ही काबिले तारीफ है.हम आप सभी से भी निवेदन करते हैं एक बार जरूर इस टॉफी को खाकर देखें हम दावे से बोल सकते हैं इसका स्वाद आपको बार बार इसे खाने के लिए मजबूर करेगा

अब जो बात हम आपको बताने जा रहे हैं वो है इसके कीर्तिमान के बारे में तो सुनिए इस टॉफी के प्रचार पर भी कोई खास खर्च नहीं किया गया. आपको जानकर हैरानी होगी कि बिना किसी टीवी ऐड के पल्स ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बना ली और इसका सबसे बड़ा कारण था ‘वर्ड ऑफ माउथ’ पब्लिसिटी. जिसने इस टॉफी को एक बार खाया उसने दस और लोगों को बोला की वो इस टॉफी को जरूर खाकर देखें ऐसे बोलते बोलते ही आज ये एक ब्रेंड बन चूका है.अब भारत में इस टॉफी की मार्किट 6,600 करोड़ रुपए की है जो बड़ी रफ्तार से बढती ही चली जा रही है.
सबसे बड़ी बात ये है कि लोगों को सिर्फ टॉफी नहीं मिल रही बल्कि अच्छी क्वालिटी की टॉफी मिल रही है यही वजह है कि पिछले महीने 1 रुपए कीमत वाली पल्स ने 300 करोड़ की सेल्स करते हुए ओरियो जैसी मल्टी नैशनल कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है !